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Saturday, 6 April 2019

Turmeric and Cancer

पुनर्नवा / Cancer  के बारे में लिखी पिछली पोस्ट के संबंध में जो जानकारी मैंने प्रस्तुत की है उसे मैंने श्री राजीव दीक्षित जी के
पुनर्नवा 
इस विडिओ से पाया था।
यदि आप इसे देखेंगे तो अधिक लाभ होगा।
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For details about the post on Cancer, Please click the link given above.
I just couldn't post it there.
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पुनर्नवा / punarnavā .

Astronomy, Ayurveda, Philology.
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Wednesday, 13 March 2019

ज़मीर / Conscience

Cancer : of the brain.
ज़मीर
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अपने अध्ययन के दौरान मैंने अपने लिए भाषाशास्त्र की जिस तकनीक का आविष्कार किया वह था भाषा के उद्गम का वैदिक सन्दर्भ । विस्तार से देखने के लिए आप मेरे इस ब्लॉग के 'अदिति' से संबंधित तथा दूसरे पोस्ट्स देख सकते हैं।  इसी तकनीक पर आधारित एक छोटा सा उदाहरण इस प्रकार है :
'ज़मीर' शब्द जिसका अंग्रेज़ी समतुल्य (equivalent) 'conscience' हो सकता है, अवश्य ही संस्कृत 'समीर' का सज्ञाति / cognate है ।  इसे इस प्रकार देखा जा सकता है :
सं + ईर् के दो पदों 'सं' और 'ईर्' में से प्रथम 'सं' उपसर्ग है, जो सम्यक् या संक्षिप्त, सारतत्व के अर्थ को दर्शाने के लिए प्रयुक्त होता है । इसी प्रकार 'ईर्' धातु ('ईर्' -- ईर्यते) का प्रयोग प्रेरणा के अर्थ में होता है । 'प्रेरणा' भी पुनः  'प्र' उपसर्ग और 'ईरणा' के संयोग से बनता है ।
वर्ण-साम्य (figurative transform) और ध्वनि-साम्य (Onomatopoeia) के द्वारा समीर (जिसका एक अर्थ बहती हुई पवन भी होता है) का रूपांतर होने से 'ज़मीर' प्राप्त होता है । संस्कृत में इसके लिए अधिक उपयुक्त शब्द है 'विवेक'; -विवेक भी पुनः उसी 'विवेच्य', 'विवेचना' का समानार्थी है, जिसका अंग्रेज़ी समतुल्य discrimination between the true and the false; good and evil, right and wrong   होता है । विवेक और विचार में से विवेक Intelligence  के समतुल्य है जबकि विचार  'thought' का समानार्थी है । विचार से हमें कोई परिणाम (conclusion) प्राप्त होता है जबकि विवेक से हमें निर्णय (decision). निर्णय ('नि' उपसर्ग के साथ 'नी - नयति' - ले जाता है) का अर्थ है "जहाँ से अन्यत्र नहीं जाया जा सकता"। इसी प्रकार 'निष्ठा' और 'निगम' शब्द की संरचना को भी समझा जा सकता है । 'decision' भी पुनः संस्कृत के दो पदों 'द्वि' तथा 'छिद्' धातु का संयोग है। 'द्वि' से हमें 'di' प्राप्त होता है जिसे carbon-dioxide जैसे शब्दों में यथावत देखा जा सकता है।  'छिद्' से ही हमें इसके समानार्थी अंग्रेज़ी 'cede' तथा 'cease' शब्द प्राप्त होते हैं ।
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चलते-चलते : मुझे नहीं पता कि सुप्रसिद्ध अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन जी इस विडिओ को देखने के लिए समय निकाल सके होंगे । आकाशवाणी पर जितने भी विज्ञापन सुनाए जाते हैं, -जिनमें आयोडीन-नमक या पोलियो तथा दूसरे रोगों के लिए 'पाँच-साल सात बार' का ज़िक्र होता है सुनते हुए मैं प्रायः सोचता हूँ कि 'लोभ पाप का मूल है' कितना बड़ा सत्य है ! वैसे अविवेकपूर्ण भय भी पाप का मूल है, यह भी इतना ही बड़ा सत्य है । ---